भुक्खड़ हैं ये सांसद
April 21, 2007पैसा, पैसा और पैसा । इनके लिए पैसा ही सब कुछ है । कुर्सी की खींचतान भी पैसे के लिए । सवाल पूछ सकते हैं । धार्मिक उन्माद फैला सकते हैं । कबूतरबाजी में शामिल हो जाते हैं । यहां तक कि पैसे (तनख्वाह) के लिए संसद में कानून तक बदल डालते हैं।
यह जरूर मानता हूं कि सब के सब ऐसे नहीं हैं लेकिन इसकी संख्या बढ़ रही है । हर घटना एक नया खुलासा करती है । पैसों के लिए, हर सरकार में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं । इनके लिए एक सूत्र है- बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया ।
चार पंक्तियां याद आ रही है-
टका जगत का सार है
देत सुख विशेष
जाके पास टका नहीं
बैठ टका-टक देख ॥
क्या इसी को जानकर सांसद ऐसे काम कर रहें हैं ? क्या इनका कोई दायित्व नहीं है ? हमारे देश में हर साल एक नया घोटाला सामने आता है । चावल घोटाला, तेल घोटाला, जमीन घोटाला…यहां तक कि कफन को लेकर भी इन नेताओं ने घोटाला कर दिया ।
कैमरे के सामने कई नेता घूस लेते पकड़े गए । कुछ नामों पर गौर करें और सोचे क्या इन्हें भी पैसों की इतनी जरूरत होगी कि यह घूस लें । जया जेटली, बंगारू लक्ष्मण, जूदेव । बीबीसी की यह रिपोर्ट आपको कुछ और नामों को बताएगी ।
सामान्य विद्यार्थी से नेता और नेता से मैनेजमेंट गुरु बने लालू यादव पर चारा घोटाला, देश की छवि बदलने वाली नीति लाने वाले स्वर्गीय पीवी नरसिंह राव पर झामुमो घूस कांड और ना जाने ऐसे कितने कांड और घोटाले है । इन नेताओं पर आरोप लगते रहे हैं लेकिन आरोप साबित होना यह तो दूर की बात ।
इनके हाव-भाव और बयान इन सब के बाद तो बस पूछिए मत.. लालू जेल जाने के बाद कहते हैं कि कृष्ण का जन्म ही जेल में हुआ था । जूदेव पर आरोप लगने के बाद वह अपनी मूछों पर थोड़ा और ताव देते दिखाई पड़ते हैं ।
देश को आगे ले जाने के लिए युवाओं को आना होगा, इस संकल्प के साथ कि देश को एक नई दशा-दिशा दें । विश्व फलक पर भारत का नाम रोशन करने के लिए पहल करना होगा।




