बदले बदले से सरकार नजर आते हैं …..इनके तो बर्बादी के आसार नजर आते हैं
अपने आंखो से पट्टिया हटाओ… हाथी नही… “बहुत बड़ा” हाथी है
माया “देवी”
और साथ ही आज के कुछ अखबारो के शीर्षक …अमर उजाला : छक्के पे छक्का
जनसत्ता: मुख्यमंत्री बनते ही माया ने दिखाए तेवर
दैनिक जागरण: सीएम बनते ही फार्म में दिखी मायावती
राष्ट्रीय सहारा: चुनाव घोषणा बाद के सभी फैसले रद्द
Hindusatan Times: UP bureaucrats realise Maya is memsahib
Times of India: Maya in saddle, goes after SP




May 14, 2007 at 6:31 am |
श्री मुलायम सिंह यादव का चिंतित होना समझा जा सकता है. जो जीता वही सिकन्दर.
May 14, 2007 at 6:33 am |
बहुत अच्छे।
May 14, 2007 at 7:35 am |
Gundaraj ka Khatma Karne Maya Memsahib ki suruaat Dhamakedar hai.
May 14, 2007 at 7:39 am |
भैया, ये राजेन्द्र धोपड़कर कौन अखबार में हैं आजकल? बहुत पहले जनसत्ता में देखता था. फिर तो अंगरेजी के अखबार पढ़े, ऐसे शुद्ध कि हिन्दी से नाता ही टूट गया! अब फिर जोड़ने का यत्न कर रहा हूं – अखबार से नहीं, हिन्दी से.
आपके पास ये कार्टून देख कर अच्छा लगा.
May 14, 2007 at 12:33 pm |
बहुत सही कलेक्शन लाये हैं भाई!!
धरतीपुत्र तो बहुते परेशान नजर आ रहे हैं. उनके छोटे भाई नहीं दिखे-भाई अमर सिंह(बच्चन)!!
May 14, 2007 at 3:40 pm |
बहुत अच्छा कलेक्शन है…….
May 14, 2007 at 3:58 pm |
अच्छा लगा,
पहले मुलायम की माया थी,
अब माया का मुलयम है।
May 15, 2007 at 10:08 am |
संजय जी बदलाव तो प्रकृति का नियम है। साथ ही जब आप काम अच्छा नही करेंगे तो राजनीती में अब बने रहना मुश्किल है।
ममता जी आपका धन्यवाद
रामकिशोर जी ये तो वक़्त के गरब में है कि माया क्या करेंगेई लेकिन जो भी हो शुरुआत तो कम से कम धमाकेदार है।
ज्ञान दत्त जी पहले तो आपका धन्यवाद । राजेंद्र जी हिंदुस्तान हिंदी के लिए नियमित रुप से कार्टून बनाते हैं। ये कार्टून मैंने हिंदुस्तान के ए-पेपर से लिया है। आप ब्लोग के कार्टून टैग के अंतर्गत राजेंद्र जी के अन्य करूं को देख सकते हैं।
समीर जी सुना है कि छोटे भैया श्री अमर सिंह जी बीमार हो गए । पता नही चुनाव हारने के बाद ये कौन सी बीमार लग गई । मुझे तो बड़ी फिकर हो रही है।
प्रवीण जी और प्रमेंद्र जी आपका भी धय्न्वादा