आप नए ब्लागर हैं? आपके ब्लाग की हिट कम है? फेमस होना चाहते हैं? कोई बात नहीं मैंने एक नई खोज की है। शर्तिया है। कुछ so called (तथा कथित) मशहूर ब्लागरों के लफड़े में फंस जाएं। और उनके नाम से एक पोस्ट लिख दें। बस!!! हो गया काम। आप देखिए आपके ब्लाग को खूब सारी हिट मिलेंगी।
एक और तरकीब है। राजनीति के दो विरोधी गुटों के बारे में लिखना शुरू कीजिए। राइटिस्ट व मोरल पुलिसिंग को खूब भला-बुरा कहिए। कोई ना कोई आपको काउंटर जरूर करेगा। ना हो तो उनका सपोर्ट करिए। क्योंकि आपका उद्देश्य विचार रखना नहीं है। आपका उद्देश्य सस्ती लोकप्रियता और हिट पाना है। लोगों को अशांत कर दीजिए। आपके ब्लाग को हिट ही हिट मिलेंगे।
ऐसे मुद्दों पर एकदम बात ना करें जो थोड़ी स्वस्थ बहसें हो सकती हैं। उन पर आपका ध्यान होना चाहिए जो विवाद को बढ़ावा दे।
मूल बात
हर चौथा हिंदी ब्लागर यही कर रहा है। माना कि ब्लाग में ब्लागर अपनी निजी, सामजिक और पसंद की बातों को लिख सकता है। लेकिन केवल लिखने के लिए ही ब्लाग लिखना.. ना भाई ना।
सुनीता नारायण को कोई नहीं जानता था लेकिन एक रिसर्च और उसके बाद रिपोर्ट ने उसे रातों-रात लोगों के जुबान पर ला दिया। मेहनत करें। और कुछ अच्छा लिखें। अच्छा ना लिखें, तो कम से कम विवाद तो ना फैलाएं। पहले नेता लोग अतिक्रमण करते थे अब हम ब्लागर करने लगे हैं। कितनी शर्म की बात है।
May 19, 2007 at 10:08 am |
ये जुगाड़ तो आपसे बिना पूछे ही लोग अपनाना शुरू कर चुके हैं। दावा ठोंके जल्दी से!
May 19, 2007 at 10:15 am |
अपनी बेहतरी के लिए प्रयास करने का सबको हक है
May 19, 2007 at 10:17 am |
भाइ यहा सब से मशहूर दो ही लोग है और चार चमचे उनमे से किसी एक कॊ पढे आप खुद ब खुद लिखना शुरु कर देगे जरा देखिये नारद के लोकप्रियलेख सारे लेखो मे यहा उनका ही नाम मिलेगा
May 19, 2007 at 10:23 am |
आखिर आप भी समझ ही गए
May 19, 2007 at 10:58 am |
आप काहे इस में फस रहे हो. चलो कोई बात नहीं हिट तो मिली.
May 19, 2007 at 11:58 am |
यह एक अच्छी व्यंग्य रचना है, और यह बात मैं व्यंग्यकार के नाते कह
रहा हूं-दीपक भारतदीप
May 19, 2007 at 12:16 pm |
सिर्फ हिट पाने के लिए बेकार में लोगों से पंगा लेने की क्या जरूरत?
हिट पाने के और भी तरीके है–
अपने हिट काउण्टर को रोज 200 से 400 अंक आगे तक रिसेट कर दें या
एक दो चार लाइन की .bat फाइल बनाएँ जो आपके ब्लॉग को लॉन ऑन करे और फिर एक्सिट कर दे। हर चार मिनट में यह स्वतः दोहराई जाए।
May 19, 2007 at 12:25 pm |
चिट्ठा हिट करने के 20 नुस्खे हमने यहां लिखे हैं
http://aaina2.wordpress.com/2007/04/18/hit-your-blog/
May 19, 2007 at 3:17 pm |
सही है, हिट लिये रहो. शुभकामना.
May 19, 2007 at 4:15 pm |
अभी-भी एक तत्व छोड़ दिया है लगता है कि या तो आप छुपा गये या तो अभी तक आपका ध्यान नहीं गया है…।वैसे सच्चा लेख है थोड़ा ध्यान देकर फिर रिसर्च करे नया पोस्ट लिखें…धन्यवाद!!
May 19, 2007 at 4:23 pm |
This may happen in the beginning as long as Blogging is not too famous among good writers. Once those people are in, all the cheap writers will be out of the way or will have to improve their skills.
May 19, 2007 at 5:05 pm |
भाई ,लोगों की बात छोड़ें ।आप वही करें जो आपका दिल कहे । और मेरा ये मानना है कि अगर आप में लिखने की क्षमता है तो देर सबेर आपकी लिखी हुई बात को लोग पढ़ना पसंद करेंगे ।
May 20, 2007 at 5:20 am |
Sanjay ji maine aaj tak koi bhi kaam isliye nahi kiya hai ki log mujhe achha kahe. Patrkaar bhi bana to isliye ki mujhe padhne likhne ka shauk tha. Mera is post ka likhne ka uddesya kewal itna tha ki log thoda healthy topic par bahas kare.
Rajesh Roshan
May 20, 2007 at 5:43 am |
Isn’t good its a power of internet we can right about anybody? We can right about president or prime minister if we think they are wrong and no one can stop. It was not possible before 10 years