बात शुरू होती है दो खबर के आने बाद से। खबर है कि पाकिस्तान का नाम सबसे दस अशांत देशों में है। आप लोग कहेंगे इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई है। है ही या होगा तभी शामिल हुआ है।
साथ ही दूसरी खबर है कि भारत उन 12 देशों की सूची में शामिल हो गया है जिसकी अर्थव्यवस्था एक खरब डालर के पार हो गई है। आप कहेंगे यह तो होना ही था आखिर इंडिया शाईन जो कर रहा है। सेंसेक्स रोज छलांगें लगाता है। कमल जी क्यों सही कहा ना!!!
अब मैं दोनो खबरों को मिलाता हूं देखते हैं क्या बनता है। भारत अशांत देशों में बहुत पीछे नहीं है। 121 देशों की लिस्ट में भारत का नंबर है 109। इसका यह मतलब हुआ कि यहां रुपया तो बढ़ रहा है लेकिन शांति नहीं बढ़ रही है। इस लिस्ट को बनाने के लिए 24 पैमाने चुने गए थे, जिसमें कुछ मुख्य हैं, भ्रष्टाचार, हिंसा, नियोजित अपराध, सेना के ऊपर खर्च।
यह आंकड़े ग्लोबल पीस इंडेक्स ने जारी किए हैं। ग्लोबल पीस इंडेक्स के वेबसाइट पर जब मैंने देखा तो मदर टेरेसा के एक कथन ने मुझे बरबस यह पोस्ट लिखने को मजबूर कर दिया।
‘अगर हमारे बीच शांति नहीं है तो इसलिए कि हमलोग भूल गए हैं कि हम एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।’
- मदर टेरेसा
शायद भारत और पाकिस्तान के साथ भी यही हो रहा है।
June 1, 2007 at 12:47 pm
शायद ।
घुघूती बासूती
June 1, 2007 at 11:58 pm
आपकी बात सही है।