‘चीनी कम’ में सुकून ज्यादा

By Rajesh Roshan

हैदराबादी जाफरानी पुलाव से फिल्म शुरू होती है। और इस पुलाव ने अक्खड़ अमिताभ बच्चन को बदल दिया।

लंदन में भारतीय खाने का सबसे बड़ा रेस्तरां चलाने वाले अमिताभ स्वभाव से थोड़े अक्खड़ हैं जिसे समझदार तब्बू ने बदल दिया।

फिल्म में कुल पांच किरदार हैं। तब्बू, अमिताभ बच्चन, जोहरा सहगल, परेश रावल और स्वनी खारा। सबने अपने किरदार के साथ पूरी ईमानदारी बरती है लेकिन छोटी सी लड़की स्वानी की एंक्टिग बेहतरीन है।

इस छोटी सी लड़की को एडल्ट फिल्म देखने का शौक है क्योंकि वह इन फिल्मों को देखने के लिए निश्चित उम्र तक वह जीवित नहीं रहेगी। उसे ब्लड कैंसर है। उसका नाम है सेक्सी।

जोहरा सहगल और अमिताभ बच्चन मां-बेटे की भूमिका में हैं। बड़ी अच्छी जोड़ी है, मां-बेटे की। ईलाया राजा का संगीत मधुर है। फिल्म के दोनों गाने श्रेया घोषल ने गाया है। टाइटल ट्रैक चीनी कम बार-बार सुना जा सकता है।

हंसी से भरी यह फिल्म दर्शकों को अच्छी लगेगी। कूल और माईल्ड फिल्म।

4 Responses to “‘चीनी कम’ में सुकून ज्यादा”

  1. Sanjeet Tripathi Says:

    शुक्रिया, देखनी है यह फ़िल्म मुझे भी।

  2. अनूप शुक्ल Says:

    सही है। देखते हैं।

  3. समीर लाल Says:

    जरुर देखना है-वाली लिस्ट में सहेज कर रखा है इसे. जल्दी ही देखते हैं. :)

  4. yunus Says:

    भाई, चीनी कम मैंने भी पिछले सप्‍ताह देखी थी । मुझे तो इसमें चीनी बहुत ही कम लगी । मज़ा नहीं आया । दरअसल एक अच्‍छे विषय पर बनी एक बुरी फिल्‍म लगी मुझे, दिक्‍कत ये है कि हमारे यहां के फिल्‍मकार वन लाइनर को चूइंगम की तरह खींच खींच कर उसमें जान भरना चाहते हैं और अकसर गच्‍चा खा जाते हैं । विज्ञापनों की दुनिया से आई आर0 बाल्‍की भी ग़च्‍चा खा गये । बच्‍चन साहब का अभिनय भी ज़ोहरा सहगल के आगे पानी भरता नज़र आया । हां बरसों बाद तब्‍बू को देखकर अच्‍छा लगा । वो संयत अभिनय करती हैं । पर कुल मिलाकर चीनी कम को एक कमज़ोर कन्‍टेन्‍ट वाली फिल्‍म ही माना जायेगा ।

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