सुनीता के धरती पर उतरते ही जो पहला अवार्ड उन्हें मिला वह है ‘पर्सन आफ द वीक’। एबीसी न्यूज चैनल ने सुनीता को यह अवार्ड देते हुए कहा कि जो महान कार्य सुनीता व उसके साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने की है उसके लिए बधाई।
अब बारी है भारत सरकार की। पिछला भारत रत्न मिला था शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्ला खां। सुनीता विलियम्स का जन्म अमेरिका के ओहायो में हुआ है लेकिन सुनीता को भारत से काफी लगाव है। जब वह छह महीने पहले अंतरिक्ष में जा रही थी उस समय अपने साथ गणोश की एक मूर्ति और समोसे ले गई थीं।
सुनीता के काम ने उनका कद इतना बड़ा तो कर ही दिया है कि भारत सरकार को यह घोषणा करते हुए फक्र महसूस करना चाहिए। सुनीता अमेरिका और भारत से ऊपर उठकर सारे विश्व की है।
इससे पहले भी ऐसा हो चुका है जब अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला था तो उन्हें भारत के कोई भी नागरिक सम्मान नहीं मिला था। भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा था।
सुनीता विलियम्स को लेकर मेरा भी एक अनुभव है, जो मैं यहां बताना चाहूंगा। मैं अपने खाली समय में विकिपीडिया अंग्रेजी के लिए संपादन करता रहता हूं। तो हुआ यूं कि विकिपीडिया की नीति के अनुसार अगर किसी भी व्यक्ति का लेख बनाया जाता है तो उसके नाम उन विभिन्न भाषाओं में लिखे जाते हैं जिससे संबंधित व्यक्ति जुड़ा हुआ है। मसलन शिल्पा शेट्टी के लेख में उनका नाम हिन्दी के अलावा मराठी से भी लिखा जाएगा क्योंकि वह वहां की हैं।
ठीक उसी प्रकार से सुनीता विलियम्स के लेख में मैंने उनका नाम हिंदी से लिख दिया। दूसरे दिन किसी ने उनका हिंदी का नाम हटा दिया। मैंने उस बंदे के पेज पर जाकर पूछा कि आपने क्यों हटा दिया क्योंकि मैंने हिंदी में इसलिए लिखा था चूंकि वह भारतीय मूल की हिंदी है और भारत की राजभाष हिंदी है। कुछ बहस-मुबाहिसों के बाद मेरी जीत हुई और उनका नाम मैंने हिंदी में रहने दिया।
ठीक इसी तरीके की जीत तभी होगी जब हम सब मिलकर कहेंगे कि सुनीता विलियम्स को भारत रत्न मिलना चाहिए।
June 23, 2007 at 9:12 am |
yeah totally agree with u
June 23, 2007 at 10:01 am |
bharat ratna hi kyon? aur bhi to samman hai. isro mai log kam pad gaye kya? usne sirf apna kaam imandari aur bhawnatmak tarike (india factor) se kiya hai.aise bahut log hai jo apna kaam tarike se karte hai.
sunita ko bharat ratna sirf isliye kyon ki sirf vo gita ko space mai le ke gayi
aur pure bharat ne unke lautne ki prarthna ki.Vo samman ki haqdar hai par BHARAT RATNA?
June 23, 2007 at 12:15 pm |
कृपया फर्क और अर्मत्य को फ़क्र (गर्व) एवं अमर्त्य से बदल दें।
धन्यवाद।
June 23, 2007 at 1:41 pm |
भारत रत्न वाली आपकी मांग के पीछे आपका उत्साह स्वागतयोग्य है. लेकिन आप बताएंगे कि इससे भारत को क्या लाभ हुआ है जो उन्हें भारत रत्न दे दिया जाए. जय का सवाल ठीक है.
June 23, 2007 at 2:25 pm |
[...] एक चिट्ठे पर अंतरिक्ष का चक्कर लगाकर आने वाली [...]
June 23, 2007 at 2:33 pm |
शायद भारत सरकार आपकी बातें सुने। विकीपीडिया पर जानकारी अच्छी लगी।
June 24, 2007 at 4:45 am |
जो लोग विरोध कर रहे हैं क्या आप लोग ये बता पाएंगे कि क्या सुनीता ने भारत का नाम रोशन नही किया है ? कितने लोग होते हैं जो भारत में जन्म नही लेते हुए भी भारत को चाहते हैं ? याहा हम लोग भारत का नाम खराब करते हैं और किसी ने अप्रत्यक्ष रुप से भारत का नाम रोशन किया तो हम उसकी नागरिकता पर सवाल उठाने लगते हैं । भारतीय अपनी उदारता के लिए जाने जाते हैं लेकिन अब अपने विरोध प्रदर्शन के लिए भी जाने जा रहे हैं ।
वैसे तो नेलसन मंडेला और अमर्त्य सेन ने भी भारत के लिए कुछ नही किया है लेकिन भारत के साथ उनका लगाव और उनका कार्य ने उन्हें भारत रत्न दिलवा दिया
राम चंद्र जी को धन्यवाद । ये गूगल का transliteration के कारण गलतिया हो जाती हैं
June 26, 2007 at 3:08 am |
अच्छी जानकारी, विकिपीडिया वाला लिंक भी दे देते तो बेहतर होता।