दिल्ली ब्लॉगर मीट: बतियाते बतियाते सांझ हो गई
अखबार के दफ्तर में हर सोमवार मीटिंग होती है। साथ में चाय-नास्ता भी होता है। बड़ा मजा आता है। चाय नास्ता करने में। मीटिंग में क्या मजा आएगा!
लेकिन कल पहले कैफे काफी हाऊस और बाद में मैथिली जी के यहां मिले। भई मुझे तो मजा आ गया। गणित में थोड़ा कमजोर हूं, गिनती नहीं कर पाया कितने लोग थे। वैसे जो भी थे मजेदार थे।
चाय और काफी की चुस्कियां लेने के बाद अमिताभ जी ने हमलोगों को 500 कैलोरी वाला लड्डू खिलाया। अमिताभ जी को मुबारकबाद दीजिए, उनको घर लक्ष्मी जी आई हैं। नया मेहमान आई हैं। उन्हें लड़की हुई है। उसके बाद हम हो चले मैथिली जी के यहां। बाजार के जानकार आलोक पुराणिक जी जिस बात को बताने के लिए $$$ लेते हैं वो हमने मुफ्त में जान लिया। बाजार किस तरीके से काम करता है, डिमांड एंड सप्लाई का पुराना गुरु मंत्र भी। भई सभी धुरंधर लोग जो पहुंचे थे।
उसके बाद खाने का दौर चला। कैलोरी 2900। अमित जी की साईज में तो बैठे-बैठे अंतर आ गया। सबने अपने अपने विचार रखे। हिंदी के उत्थान की बातें हुई। लोगों ने हिंदी को बढ़ाने के लिए तकनीकी, लेखन सामग्री की विविधता और ऐसे लेखन के बारे में बात की जो कालजयी हों।
परिचर्चा की बात उठी, चूंकि मैं परिचर्चा में शामिल नहीं होता हूं इसलिए मुझे कुछ खास समझ नहीं आ रहा था। लेकिन अब मैं कोशिश करूंगा कि परिचर्चा में भाग लूं।
अंत में पता चला कि यह गोष्ठी या मिलन ब्लागवाणी के आफिशियल या नान आफिशियल शुरुआत के नाम की जाए। तो यह थी बतियाते-बतियाते सांझ हो गई का छोटा विवरण। बड़ा आपके सामने जल्द ही चित्रों के साथ प्रस्तुत होगा।
July 15, 2007 at 4:47 am
बैठक की अच्छी जानकारी दी है भाई। धन्यवाद
July 15, 2007 at 4:53 am
kyaa baat hai jI .बहुत अच्छा ,अगली कडी की प्रतिक्षा रहेगी
July 15, 2007 at 5:45 am
अच्छा है जी, हम तो आने से चूक गए।
July 15, 2007 at 6:07 am
मीट में अब कैलोरी तो होंगी ही
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कमजोर गणित के बावजूद आप कैलोरी गिनने में इतने सिद्धहस्त कैसे हुए
July 15, 2007 at 6:22 am
बाबु जी कहते थे बेटा पढ़, गणित पर ध्यान दे लेकिन मैं था की कैलोरी वाली आइटम पर ज्यादा ध्यान देता रहता था । बस संजीव कपूर बनते बनते रह गया
July 15, 2007 at 7:03 am
अच्छी जानकारी
July 15, 2007 at 8:53 am
शुक्रिया राजेश भाई
July 15, 2007 at 9:51 am
अच्छी चर्चा
July 15, 2007 at 5:05 pm
तो यह कैलोरी मुलाकात हो गयी।
July 15, 2007 at 5:28 pm
किंतु रजेश भाई, कैलोरी तो आपने गिनी किंतु आप लद्दू तक ही सीमित रहे. खाने के बाद शर्बते-रूह अब (जा) भी कोई 225 कैलोरी का था. हा दो तीन बार की चै, चिप्स और बिस्कुइत को मिल्आकर जोडे तो मामला 500 अतिरिक्त कैलोरी तक तो जायेगा ना ?
July 15, 2007 at 5:29 pm
मेरा मतलब चाय, चिप्स और बिस्कुट का था.
July 16, 2007 at 2:02 am
अच्छी जानकारी !
July 17, 2007 at 3:37 pm
बढ़िया विवरण, बधाई.