बंडल फिल्म ‘नकाब’

By Rajesh Roshan

Naqaab

अगर आपको आगे निकलना तो आप आगे निकले हुए किसी के भी पद चिन्हों पर ना चले। आप आगे नहीं निकल पाएंगे। आपको कुछ अलग करना होगा। लेकिन अलग अगर ‘नकाब’ की तरह हो तो फिर पद चिन्हों पर ही चलना ज्यादा अच्छा है।

अब्बास-मस्तान थ्रिलर एक्शन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। ‘नकाब’ में ना तो कहीं थ्रिल है और ना ही कहीं एक्शन।

टेलीविजन पर एकबारगी आ रही रियलीटी शो से प्रेरणा लेकर ‘नकाब’ बनाया गया। लेकिन मेरी नजर में ‘नकाब’ पर से परदा उठाना समय और पैसा दोनों की बरबादी है।

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