रोलिंग के हाथों में जादू है

By Rajesh Roshan

मैंने हैरी पाटर के छह किताबें पढ़ी हैं। पहले की चार हिंदी में बाकी के दो अंग्रेजी में। मेरी अंग्रेजी इतनी अच्छी भी नहीं है लेकिन यह जे के रोलिंग के हाथों का जादू है कि मैं उन किताबों को पढ़ पाया।

जिन्होंने भी हैरी पाटर नहीं पढ़ी है उसके बारे में यही कहा जा सकता है कि वो सारे ‘मगलू’ हैं। अगर आप मगलू नहीं जानते तो पढ़े हैरी पाटर सीरीज।

वैसे आज के दिन क्या हिंदी और क्या अंग्रेजी पूरे विश्व में हैरी पाटर छाया हुआ है। आप मजमून देख लीजिए। हमारे टीवी चैनल जिनको बाबा और सांप से फुरसत नहीं मिलती है आज सुबह वह भी पाटर मानिया से अभिभूत दिखे।

Harry Potter in Wikipedia

JK Rowling official website

6 Responses to “रोलिंग के हाथों में जादू है”

  1. Shrish Says:

    भईया हमने तो हैरी पॉटर श्रृंखला की पहली फिल्म देखी थी, कुछ खास लगी नहीं। इसलिए आगे न तो किताबें पढ़ी और न ही कोई फिल्म देखी।

  2. Amit Says:

    अरे श्रीश बाबू, फिल्मों से कितान न आंको। फिल्में तो दो पैसे की नहीं बनी हैं हैरी पॉटर की, किताब पढ़ो और मज़े लो। :)

  3. अनूप् शुक्ल Says:

    चंद्रकांता लेखक देवकीनंदन खत्री पढ़ी क्या?

  4. सागर चन्द नाहर Says:

    अनूप जी के सवाल पर गौर किया जाये, वैसे मैने भूतनाथ पढ़ा है और चन्द्रकांता के लगभग तीन चार भाग।

  5. Amit Says:

    मैंने तो चंद्रकांता और भूतनाथ दोनो ही पढ़ रखे हैं, पसंद मेरे को भूतनाथ अधिक आया। :)

  6. Rajesh Roshan Says:

    लगता है चंद्रकांता पढ़नी पडेगी

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