अगर आपको यह पता है कि आपको क्या करना चाहिए तो सच मानिए आप अच्छे हैं। लेकिन अगर आपको यह भी पता है कि आपको क्या नहीं करना चाहिए तो फिर आप ग्रेट हैं। इन सबके उलट अगर आपको यह पता है कि क्या करना चाहिए लेकिन यह नहीं पता कि क्या नहीं करना चाहिए तो मुमकिन है कि आप..।
नजीर पेश करता हूं। मेरे एक दोस्त को शेरो-शायरी का शौक चढ़ा। धीरे-धीरे इस शौक के कारण उसे उर्दू सीखने की ललक जगी। उसने एक लुगत खरीदी और उससे कुछ शब्द अपनी डायरी में नोट करने लगा। करता करता परेशान हो गया। उसे उर्दू तो ना आई सारे दोस्त उसका मजाक उड़ाने लगा।
मेरे दोस्त को यह तो पता था कि उसे उर्दू सीखनी है। भाषा का ज्ञान होना तो बड़ी अच्छी बात है लेकिन उसके लिए उसे क्या नहीं करना चाहिए, उसे नहीं पता था। मेहनत में उसने कोई कमी नहीं की लेकिन गलत दिशा में।
July 24, 2007 at 11:08 pm
सही है.