बच गए हमलोग!!!

सूर्य का जीवन जीने के लिए होना बहुत जरूरी है। इसके बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। एवरेस्ट में चढ़ना काफी मुश्किल है। आदमी एवेरस्ट पर चढ़ गया। वहां से टनों कचरा मिल रहा है। शायद प्रकृति ने इसलिए सूर्य को आदमी की पहुंच से दूर बनाया है।

3 Responses to “बच गए हमलोग!!!”

  1. हरिराम Says:

    आपका चिट्ठा का पहला लेख पढ़ना शुरू किया, रोचक लगा तो फिर दूसरा, तीसरा… पहले पन्ने के सारे लेख पढ़ गया। बाकी फिर कभी पढ़ूँगा। बहुत रोचक, सकारात्मक विचार हैं आपके, हास्य के पुट के साथ शिक्षाप्रद भी।

  2. Rajesh Roshan Says:

    हरिराम Says: आपका चिट्ठा का पहला लेख पढ़ना शुरू किया, रोचक लगा तो फिर दूसरा, तीसरा… पहले पन्ने के सारे लेख पढ़ गया। बाकी फिर कभी पढ़ूँगा। बहुत रोचक,सकारात्मक विचार हैं आपके, हास्य के पुट के साथ शिक्षाप्रद भी।

    शुक्रिया :)

  3. समीर लाल Says:

    सत्य वचन, मित्र. ठीक ही किया जो दूर बनाया और गरम भी. दूरी तय करने में तो महारत हासिल कर ली है. :)

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