विश्वास कीजिये अंधविश्वास नही; तहलका के स्टिंग के मुतालिक
October 26, 2007सभी की अपनी अलग विचारधारा होती है. मुमकिन है पुत्र के विचार पिता से न मिले और ये भी देखा गया है की पुत्र पिता का अंधभक्त होता है. सबके अपने विचार हैं और वही उनकी विचारधारा बनाती है. तहलका ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया; ऑपरेशन कलंक. अभी ये आया ही था की मेरे ऑफिस के मेरे सहयोगियों के तरफ़ से कई सारी प्रतिक्रियाये आने लगी. अब ये हो जाएगा, अब वो हो जाएगा. कुछ के शब्द दूसरो के शब्दों से टकराने लगे. माहौल गर्म हो रहा था. ब्लोग्गिंग में भी यही हो रहा है. एक के पोस्ट दूसरे के पोस्ट से टकरा रहे हैं, तो कही कमेंट से कमेंट.
मुद्दे की बात यह है की आप आंखो देखी पर विश्वास कीजिये. किसी भी चीज पर अंधविश्वास मत कीजिये. अन्धविश्वास वो करते हैं जो पढे लिखे नही होते हैं. और माशाल्लाहा हम लोग तो पढे लिखे लोग हैं. बाकि आप लोग बेहतर समझ सकते हैं. ये राजनीति के दावपेंच हैं या अगर आप अंधविश्वास करेंगे तो किसी दिन आप उसमे ख़ुद फंस सकते हैं.
Democracy is a daily excercise. लोकतंत्र को बनने में हर रोज मेहनत करनी पड़ती है
