Archive for October, 2007

विश्वास कीजिये अंधविश्वास नही; तहलका के स्टिंग के मुतालिक

October 26, 2007

सभी की अपनी अलग विचारधारा होती है. मुमकिन है पुत्र के विचार पिता से न मिले और ये भी देखा गया है की पुत्र पिता का अंधभक्त होता है. सबके अपने विचार हैं और वही उनकी विचारधारा बनाती है. तहलका ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया; ऑपरेशन कलंक. अभी ये आया ही था की मेरे ऑफिस के मेरे सहयोगियों के तरफ़ से कई सारी प्रतिक्रियाये आने लगी. अब ये हो जाएगा, अब वो हो जाएगा. कुछ के शब्द दूसरो के शब्दों से टकराने लगे. माहौल गर्म हो रहा था.  ब्लोग्गिंग में भी यही हो रहा है. एक के पोस्ट दूसरे के पोस्ट से टकरा रहे हैं, तो कही कमेंट से कमेंट.

मुद्दे की बात यह है की आप आंखो देखी पर विश्वास कीजिये. किसी भी चीज पर अंधविश्वास मत कीजिये. अन्धविश्वास वो करते हैं जो पढे लिखे नही होते हैं. और माशाल्लाहा हम लोग तो पढे लिखे लोग हैं. बाकि आप लोग बेहतर समझ सकते हैं. ये राजनीति के दावपेंच हैं या अगर आप अंधविश्वास करेंगे तो किसी दिन आप उसमे ख़ुद फंस सकते हैं.
Democracy is a daily excercise. लोकतंत्र को बनने में हर रोज मेहनत करनी पड़ती है

indian flag enblem

इसे कहते हैं बेजोड़ तालमेल

October 10, 2007

एक गाना लेकिन गाने वाले दो. दोनों अपने जगह महान. जिस किसी ने भी इन दोनों गानों को मिलाया है एक अच्छी सोच और अच्छा काम. बेहतरीन, लाजवाब आप इसे सुनिये और अच्छा न लगे ऐसा हो नही सकता. मैंने इस गाने को जहा से लिया है केवल उसका कला पक्ष है की अपलोड करने वाले की आइद है गुरू ऑफ़ सेक्स. उसके बावजूद मैं इतने अच्छे काम के लिए उसे बधाई देना चाहूँगा

ये केवल महान नुसरत फतह अली खान की आवाज में

और ये लता मंगेशकर की आवाज में