Samajwadi Party ka april fool

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SP manifesto

Logo ne subah se hi ek dusre ko april fool banana shuru kar diya tha. 1st April jo tha. Yaar Renu ka tere liye phone aaya tha, kah rahi thi tera phone nahi mil raha, phone kar le. To koi kah raha tha ki yaar John ki tabiyat kharab hai, use phone kar lo. Har koi April Fool ko apne-apne tarike se mana raha tha.

Shaam ko Samajwadi Party ne UP election ko lekar apna manifesto jari kiya. Padhai, Dhawai aur Sinchai. Sab hoga Free. Samajwadi Party ne ye wada kiya hai. Kahi ye April fool to nahi hai.

Pahle class se lekar M.A tak ki padhai muft hogi. Kisano ko sinchai ke liye bijli muft milegi. Garibo ke liye ilaaj muft hogi.

Kya ye Mulayam singh se ne janta ko April Fool banaya hai.

SP Manifesto report on Hindu and Zee News. Kyoni jara is head line par gaur kare, Mulayam most corrupt CM.

5 Responses to “Samajwadi Party ka april fool”

  1. अनुनाद Says:

    बन्धु, अगर हिन्दी को देवनागरी में लिखें तो पढ़ना इतना कष्टकर न हो। आखिर आप भी मानेगे कि आप हिन्दीवालों के लिये ही लिख रहे हैं, किसी ब्रिटिश को पढ़ाने की तमन्ना शायद ही हो। इसलिये हिन्दी को रोमन मे लिखने का कोई औचित्य नही दिखता।

    वैसे लिखा अच्छा है।

  2. rajeshroshan Says:

    Thanks for visit this blog. Anunad ji main aapko ye bata du ki mere computer mein OS windows 98 hai jiske karan main hindi likh nahi pata hu.Mujhe bhi iska dukh hai. lekin ab jab likh raha hu to chahe devnagri ho ya roman maja aa raha hai.

  3. श्रीश शर्मा 'ई-पंडित' Says:

    राजेश जी बहुत स्वागत है आपका चिट्ठाजगत में, बस आप डटे रहिए हम आपकी मदद को हैं ही।

    विंडोज 98 पर भी आप हिन्दी में लिख सकते हैं लेकिन इसके लिए विकल्प सीमित हैं। ‘ब्लॉगर’ में तो इसके लिए सीधा ट्रांसलिटरेशन टूल है ही लेकिन वर्डप्रैस.कॉम में कोई अलग जुगाड़ करना पड़ेगा।

    हिन्दी लिखने के तीनों प्रचलित टूल बारहा आईएमई, हिन्दीराइटर और इंडिक आईएमई तो विंडोज ९८ पर चलते नहीं। लेकिन कुछ पुराने जावा आधारित टूल काम कर सकते हैं। पर ये तय है कि विंडोज ९८ के लिए कोई IME उपलब्ध नहीं है। IME एक टूल होता है जिससे आप कहीं भी सीधे हिन्दी में लिख सकते हो।

    विंडोज ९८ पर हिन्दी लिखने के टूल्स की कमी नहीं बस आपको यह करना पड़ेगा कि उनमें लिखकर तथा कॉपी करके ब्लॉग के एडीटर में पेस्ट करना होगा। इनमें सरलतम हैं ऑनलाइन टूल्स जैसे यूनिनागरी, हग आदि। हग को आप डाउनलोड करके ऑफलाइन भी हिन्दी लिख सकते हैं।

    अब बात आती है कि देवनागरी में लिखना क्यों बेहतर है दरअसल भाई इसके लिए आपको कोई टाइपिंग नहीं सीखनी है बल्कि जैसे रोमन में यह पोस्ट लिखी है वैसे ही लिखना है वो हिन्दी में खुद बदल जाता है।अब जब आपने लिखना तो एक ही तरीके से है, मेहनत उतनी ही लगनी है तो रोमन में क्यों लिखें। दूसरी बात है कि रोमन में हिन्दी पढ़ना बहुत कठिन होता है। जब हमारे पास तरीका है तो जबरदस्ती क्यों रोमन में लिखें। अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें: फोनेटिक

    बाकी यदि संभव हो तो हिन्दी का पूरा मजा लेने के लिए विंडोज एक्सपी पर अपग्रेड करें।

    विंडोज ९८ पर मुझे लगता है कि ब्लॉग में लिखने का सबसे सीधा तरीका ब्लॉगर का ट्रांसलिटरेशन टूल ही है। इसलिए आप अगर ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बदल सकते तो ब्लॉगर पर ब्लॉग बना कर वहाँ लिखिए वरना कॉपी-पेस्ट का झंझट रहेगा। अधिक जानकारी यहाँ लें।

    आपके उत्तर की प्रतीक्षा है फिर आगे देखते हैं क्या करना चाहिए।

    अन्य साथियों के इस बारे क्या सुझाव हैं?

  4. महावीर Says:

    राजेश जी
    भई, ऐसी प्रसिद्ध (सुप्रसिद्ध या कुप्रसिद्ध – इसका तो पता नहीं) पार्टी के नेता जो कुछ कहते हैं, वह झूटा नहीं हो सकता! मेरा ख्याल है कि शब्दों को सुनने में गलती हो गई होगी या छापने में आशुद्धि हो गई होगी।
    पार्टी का मैनिफेस्टो, ‘पढ़ाई, दवाई और सिंचाई’ नहीं था। वह थाः
    “पिटाई, धुनाई और खिंचाई”। अब बताईए कि क्या उन्होंने झूट बोला था।
    (हां, ई-पंडित’ और अनुनाद ने जो मश्वरा दिया है, उस से हम भी सहमत हैं)
    महावीर शर्मा

  5. rajeshroshan Says:

    Thanks for ur suggestion. Mere paas apna koi computer nahi hai. Aur jaha tak baat hai hindi likhne ki to main Dainik Jagran mein kaam karta hu aur yaha bina hindi likhe to kaam chalega nahi. Main phoentic aur remington dono mein likh sakta hu. Main koi bhi .exe file download nahi kar sakta hu ye hamare server se band hai. Is karan main devnagri nahi likh pata hu. Ab shayad aap log samjh gaye honge ki mere roman mein likhne ka kya karan hai. Mujhe isse kai dikkate hoti hain lekin…… Kya kare???? I cant do anything.

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