कोई स्वेटिंग से तो कोई पसीने से परेशान, यह है दिल्ली मेरी जान

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एसी तेरा ही सहारा, कूलर को मैंने दे मारा

और किसी भी चीज से बात नहीं बन रही है। केवल एसी चाहे वो घर का हो, आफिस का हो या हो फिर किसी मॉल का। कूलर-पंखे से कोई काम नहीं हो रहा है।

अग्रेंजी दा लोगों को स्वेटिंग हो रही है और हिंदी भाषियों का शरीर पसीने से तर-बतर हो रहा है। जो लोग पहले आफिस लेट आते थे, वो आफिस अब पहले आने लगे हैं। आफिस में एसी जो है।

बाहर से आने वाले किसी भी शख्स को मैं कोई काम नहीं बोल रहा हूं। गर्मी ने सबका दिमाग जो गर्म कर दिया है। क्या पता मुझसे लड़ बैठे। मेरी सलाह मानिए, आप भी मत बोलिएगा। या फिर सुनने के लिए तैयार हो जाइए।

पूरे उत्तर भारत में गर्मी का तांडव गजब है। ऐसा लग रहा है मानो भोले बाबा को किसी ने गुस्सा कर दिया हो। सूरज नाम का हर लड़का यही कहता फिर रहा है कि देखो मेरा प्रकोप। मेरे प्रताप से कोई नहीं बच सकता है।

दिल्ली उत्तर भारत का पर्यटन के लिहाज से सेंटर प्वाइंट है। लोग चाहे शिमला, जम्मू, मनाली कहीं जाएं लौटते हुए दिल्ली जरूर आते हैं। और यहां सामना होता है दिल्ली की गर्मी से। कल का तापमान था 44.9 डिग्री। अब सोचिए पचास पैसे के रेहड़ी वाले से वह कितना गिलास पानी पियेगें। या फिर लेगें बिसलेरी की कम से कम चार-पांच बोतल।

सबको यह गर्मी याद रहेगी।

2 Responses to “कोई स्वेटिंग से तो कोई पसीने से परेशान, यह है दिल्ली मेरी जान”

  1. अनूप शुक्ल Says:

    आफ़िस जल्दी बुलाने के उपाय के रूप में इसे पेटेंट करा लो।

  2. Raj Manral Says:

    ‘म्याऊं’ Meri juba pe bas tera naam hai… Headphone lagake gana sunne mai BOSS parishaaan hai…. (My dream is to become a sucessful web-desinger) ‘म्याऊं’ ‘म्याऊं’ ‘म्याऊं’ ‘म्याऊं’….. mai kahu ‘म्याऊं’

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