पान खाए सैंया हमार..

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भई ऐसा है कि आजकल मेरा कुछ पान खाने वालों के साथ उठना-बैठना हो रहा है। तो मुझे इसके बारे में कुछ बातें पता चली। बताने से पहले यह बता दूं कि इससे पहले मैं कभी पान के दुकान या यूं कह लीजिए गुमटी पर खड़ा नहीं हुआ था तो मुझे पता नहीं था लेकिन अब पता चला है।

पान खाना तो आसान बात है लेकिन क्या हर कोई पान बना सकता है या बनवा सकता है। अनाड़ी अगर पान खाने की सोचे इससे पहले उसे थोड़ा होमवर्क तो जरूर करना पड़ेगा।

पान वाले को जैसे ही आप पान लगाने को बोलेंगे वो पूछेगा भईया कैसा पान लगा दूं। आप थोड़ी देर के लिए समझ ही नहीं पाएंगें कि कैसा पान लगाने के लिए बोलूं। ऐसा कई बार मेरे साथ सैलून में होता था। मैं ज्योंही शेविंग कराने के लिए सैलून की कुर्सी में बैठता था मुझसे पूछा जाता था भईया क्या लगा दूं, डेनिम या पार्क एव्नयू।

पान वाला भी ऐसा ही पूछता है या फिर कुछ ऐसा कहेगा क्या लगा दूं। नहीं पता मैं कोशिश करता हूं बताने की..

पान के पत्ते ही तीन तरह के होते हैं, बनारसी, मगही और कलकत्ता। पत्ते का नाम कोलकाता नहीं हुआ है। अब इनमें जो चीजें डाली जाती हैं वो भी मस्त है। गणित के खौफ खाए यहां बड़े शान से बोलते हैं 160, 120, 300 थोड़ा सा लगा देना। भाई लोग मेरे से मत पूछिऐगा यह क्या है, कुछ ऐसा है जैसे बीजगणित बनाते हुए सिर घूम जाता था, इसे खाकर भी सिर घूम जाता है।

वैसे जानकारी के अनुसार बनारस के लोग सुबह-शाम पान खाते रहते हैं। इसका चलन हिंदी भाषी क्षेत्र में ज्यादा है या फिर वहां जहां हिंदी भाषी लोगों की बहुतायत है। लखनऊ के नवाब जब पान खाते हुए टहलते थे तो एक अर्दली पीकदान लिए हुए साथ-साथ चलता था। एक वो समय था और एक आज समय है कि सार्वजनिक क्षेत्र का हर दीवार पान के पीक से रंगा होता है।

वीकिपीडिया के अनुसार पान का चलन म्यंमार में भी खूब है। हिंदी फिल्मों में भी पान पर फिल्माए गए ढेरों गाने हैं। पान खाए सैंया हमार से चली आना तू पान की दुकान। पान की पहुंच आम से अब खास भारतीय तक हो गई है। कई लोग पान इसलिए खाते हैं कि उनका होठ लाल रहे।

मैंने आज तक पान तो नहीं चखा है सोच रहा हूं कि सादा-मीठा पान चख लूं क्योंकि मैं बीजगणित में थोड़ा कमजोर हूं।🙂

2 Responses to “पान खाए सैंया हमार..”

  1. समीर लाल Says:

    “पत्ते का नाम कोलकाता नहीं हुआ है। ”

    –हमें तो इसी एक लाईन में पूरे पान का मजा आ गया. बहुत खूब!!

  2. आशीष Says:

    हम मीठा पत्ती खाते है, मसाले वाला !

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