मैं तुझे मीर कहूं, तू मुझे गालिब

by

इस जुमले के बारे में आप लोगों को तो खूब पता होगा। यह एक तरीके की मार्केटिंग है। ‘मैं तुझे मीर कहूं, तू मुझे गालिब’।

रजनीकांत ने शिवाजी फिल्म के रीलीज के बाद उठे एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा कि अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा के ‘शहंशाह’ है। उन्होंने कहा था, Yes i am the King but he is Emperor.

अब बारी थी अमिताभ बच्चन की, उन्होंने रजनीकांत के इस बयान पर एक पत्रकार को कहा कि रजनीकांत ही असल ‘शहंशाह’ हैं। अमिताभ के बोल थे, ‘Rajni is phenomenal. The largest, the best and truly the boss! It is ridiculous to compare me with him।

अब यह बहस तो बड़ी देर तक चलती रहेगी कि दोनों में से सचमुच बड़ा कलाकार कौन है। रजनीकांत, जो एक टैक्सी ड्राइवर से यहां तक पहुंचे या अमिताभ जिनकी बीमारी पर मंदिरों के बाहर भीड़ लंबी हो जाती है।

वैसे दोनों अपनी-अपनी जगह महान हैं।

6 Responses to “मैं तुझे मीर कहूं, तू मुझे गालिब”

  1. राजीव रंजन प्रसाद Says:

    दोनों ही अतुलनीय हैं। वैसे मुझे आपका शीर्षक पसंद आया “मैं तुझे मीर कहूं, तू मुझे गालिब”

    *** राजीव रंजन प्रसाद

  2. अतुल शर्मा Says:

    तुलना ना ही की जाए तो अच्छा है।

  3. sajeev Says:

    शीर्षक बेहद अच्छा है

  4. yunus Says:

    अरे भईया चैनल वालों को तो समय भरने के लिए कुछ चाहिये । पर हम क्‍यों तुलना कर रहे हैं ।

  5. समीर लाल Says:

    दोनों की तुलना करने का कोई औचित्य नहीं है. दोनों ही महान कलाकार हैं और अतुलनीय हैं.

    शीर्षक मजेदार रहा!!🙂

  6. Shrish Says:

    यूनुस भाई सही बोले, हम भी सहमत हैं।🙂

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s


%d bloggers like this: