टिप्पणी में पहचान छुपाने वाले चिट्ठेकार!

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चूंकि मैंने ऐसा कभी किया नहीं तो इसका ठीक-ठीक अंदाजा मुझे नहीं पता। हां! इधर मेरे पोस्ट पर बेनाम टिप्पणियां कुछ आ रही हैं। मैंने जानना चाहा और मैं जान गया कि वह कौन है। आईपी सबकुछ बता देता है।

खैर इसके पीछे का मतलब मैं समझ नहीं पाया। मुझे नहीं लगता कि मेरे से कोई डरता होगा। फिर..! शायद वह अपने आप से डरता होगा। हां, यह जरूर हो सकता है। वह अपने आप से ही डरता होगा।

मैंने कई पोस्ट में बेनाम टिप्पणियां देखी हैं और बार यही सोचता था कि यह लोग ऐसी हरकतें क्यों करते हैं। आप ऐसा काम क्यों करते हैं जिससे आपको अपनी पहचान छुपानी पड़ती है। जो लिखे खुल कर लिखें। हां, गालियां तो खुल कर नहीं लिखी जा सकती हैं तो ऐसा करें कि थोड़ी लिखने की प्रैक्टिस करें गालियों से ज्यादा धार दार लिखावट लिखनी आ जाएगी। लेकिन कृप्या बेनाम टिप्पणी लिखना बंद करें। शायद आप बेनाम लोग समझ रहे होगें।

12 Responses to “टिप्पणी में पहचान छुपाने वाले चिट्ठेकार!”

  1. raviratlami Says:

    “…तो ऐसा करें कि थोड़ी लिखने की प्रैक्टिस करें गालियों से ज्यादा धार दार लिखावट लिखनी आ जाएगी। …”

    आह! क्या सही बात कही है आपने. इसे तो यत्र तत्र सर्वत्र कोट (उद्ृत लिखा नहीं जा सका) किया जाना चाहिए.

  2. rachna Says:

    नहीं समझ पाती हूँ

    नहीं समझ पाती हूँ
    क्यों लोग गुमनाम रहना चाहते है
    किस से डरते है और क्यों
    क्यों छुपाते हें अपने नाम को
    विचारो की अभिव्यक्ती
    नाम के साथ हो
    तो लगता है की हम
    मानसिक रुप से आजाद हें

  3. paramjitbali Says:

    आप की बात सच है ऎसी टिप्पणीयाँ लिखने वाले शायद अपने आप से डरते होगें।

  4. Rajesh Roshan Says:

    रचना जी आपने सही लिखा है, जिस नाम के लिए दुनिया मरती है उसी नाम को ये बेनाम टिपण्णीकार छुपाते हैं🙂 क्या कहा जाये इनके बारे में !!!

  5. समीर लाल Says:

    खराब बात-नाम नहीं छुपाना चाहिये. अनामों को अप्रूव करना बंद कर दें बिना किसी लोभ के. देखिये कैसे बोर होकर वो टिप्पणी करना बंद कर देंगे. हम अनामों को तभी अप्रूव करते हैं जब वो साथ में नाम दें और ब्लॉगर न होने की वजह से अनाम कमेंट कर रहा है.

  6. Shrish Says:

    बेनामी टिप्पणी वही करते हैं जिनमें अपनी बात कहने की हिम्मत नहीं होती, साथ-साथ ही वे खुद ही महसूस करते हैं कि वे गलत लिख रहे हैं, सही बात लिखने पर नाम छुपाने की क्या जरुरत।

  7. संजय बेंगाणी Says:

    अनामी टिप्पणी यानी परदे के पीछे छिप कर जबानी हमला करना. यह कायरता है, इससे अधिक कुछ नहीं.

  8. अनूप शुक्ल Says:

    सही लिखा है। बेनामी टिप्पणी कमजोर लोग करते हैं।

  9. mamta Says:

    शत-प्रतिशत सही लिखा है की बेनाम टिप्पणी वो करते है जो अपने आप से डरते है।

  10. divyabh Says:

    जो स्वय से ही डरते हो उनसे और आशा क्या की जा सकती है…।

  11. Rajesh Roshan Says:

    समीर जी मैं आपसे सहमत नही हू । मैं किसी भी इस्थिति में किसी कि टिपण्णी को रोकने के पक्ष में नही हू, भले ही वो बेनाम क्यों ना हो । हर को हक है लेकिन अगर वो नाम दे कर कहे तो मजा जायदा आता है ।

  12. jay Says:

    sahi kaha.benam tipanni karna bhi blogging ka ek pehlu hai.isse band karna uchit nahi par ye bhi ek pehlu hai blogging samaj ka aur kahiye hamare apne samaj ka.
    aise log aapko daily life mai bhi mil jayege.so koi surprise nahi.par dhyan de iska sirf negetive pehloo hi nahi.iski positive side bhi hai.

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