Archive for the ‘Youtube’ Category

इसे कहते हैं बेजोड़ तालमेल

अक्टूबर 10, 2007

एक गाना लेकिन गाने वाले दो. दोनों अपने जगह महान. जिस किसी ने भी इन दोनों गानों को मिलाया है एक अच्छी सोच और अच्छा काम. बेहतरीन, लाजवाब आप इसे सुनिये और अच्छा न लगे ऐसा हो नही सकता. मैंने इस गाने को जहा से लिया है केवल उसका कला पक्ष है की अपलोड करने वाले की आइद है गुरू ऑफ़ सेक्स. उसके बावजूद मैं इतने अच्छे काम के लिए उसे बधाई देना चाहूँगा

ये केवल महान नुसरत फतह अली खान की आवाज में

और ये लता मंगेशकर की आवाज में

यूट्यूब: वंदे मातरम और उसमे दिए गए कमेंट

जून 24, 2007

रविवार का दिन, काम का दवाब कम होता है । यूट्यूब खोल विडो देखने लगाइस विडो को देख मेरा रोम रोम रोमांचित हो जाता हैसोचा आज इसे अपने ब्लोग पर भी दाल दूजरा इस विडो पर दिए गए 96 कमेंट पर भी नजर डालिये

‘चीनी कम’ में सुकून ज्यादा

जून 8, 2007

हैदराबादी जाफरानी पुलाव से फिल्म शुरू होती है। और इस पुलाव ने अक्खड़ अमिताभ बच्चन को बदल दिया।

लंदन में भारतीय खाने का सबसे बड़ा रेस्तरां चलाने वाले अमिताभ स्वभाव से थोड़े अक्खड़ हैं जिसे समझदार तब्बू ने बदल दिया।

फिल्म में कुल पांच किरदार हैं। तब्बू, अमिताभ बच्चन, जोहरा सहगल, परेश रावल और स्वनी खारा। सबने अपने किरदार के साथ पूरी ईमानदारी बरती है लेकिन छोटी सी लड़की स्वानी की एंक्टिग बेहतरीन है।

इस छोटी सी लड़की को एडल्ट फिल्म देखने का शौक है क्योंकि वह इन फिल्मों को देखने के लिए निश्चित उम्र तक वह जीवित नहीं रहेगी। उसे ब्लड कैंसर है। उसका नाम है सेक्सी।

जोहरा सहगल और अमिताभ बच्चन मां-बेटे की भूमिका में हैं। बड़ी अच्छी जोड़ी है, मां-बेटे की। ईलाया राजा का संगीत मधुर है। फिल्म के दोनों गाने श्रेया घोषल ने गाया है। टाइटल ट्रैक चीनी कम बार-बार सुना जा सकता है।

हंसी से भरी यह फिल्म दर्शकों को अच्छी लगेगी। कूल और माईल्ड फिल्म।

‘चीनी कम’ में सुकून ज्यादा

जून 8, 2007

हैदराबादी जाफरानी पुलाव से फिल्म शुरू होती है। और इस पुलाव ने अक्खड़ अमिताभ बच्चन को बदल दिया।

लंदन में भारतीय खाने का सबसे बड़ा रेस्तरां चलाने वाले अमिताभ स्वभाव से थोड़े अक्खड़ हैं जिसे समझदार तब्बू ने बदल दिया।

फिल्म में कुल पांच किरदार हैं। तब्बू, अमिताभ बच्चन, जोहरा सहगल, परेश रावल और स्वनी खारा। सबने अपने किरदार के साथ पूरी ईमानदारी बरती है लेकिन छोटी सी लड़की स्वानी की एंक्टिग बेहतरीन है।

इस छोटी सी लड़की को एडल्ट फिल्म देखने का शौक है क्योंकि वह इन फिल्मों को देखने के लिए निश्चित उम्र तक वह जीवित नहीं रहेगी। उसे ब्लड कैंसर है। उसका नाम है सेक्सी।

जोहरा सहगल और अमिताभ बच्चन मां-बेटे की भूमिका में हैं। बड़ी अच्छी जोड़ी है, मां-बेटे की। ईलाया राजा का संगीत मधुर है। फिल्म के दोनों गाने श्रेया घोषल ने गाया है। टाइटल ट्रैक चीनी कम बार-बार सुना जा सकता है।

हंसी से भरी यह फिल्म दर्शकों को अच्छी लगेगी। कूल और माईल्ड फिल्म।

भारतीय टीवी की कुछ पुरानी यादे

जून 2, 2007

गुलज़ार का लिखा हुआजंगल जंगल बात चली है, पता चला है…. 

फिर चाहे वोमिले सुर मेरा तुम्हारा ….

बी आर चोपडा की महाभारत

और अंत में आल टाइम् हिट जसपाल भट्टी

 इनको देख बड़ा अच्छा लगता है.

एक चिडिया… Anek Cheediya

जून 1, 2007

I love this jingle. i have seen this on Neelima ji’s blog. Thanks again Neelima ji for showing this nice jingle. 🙂

एक चिडिया… Anek Cheediya

जून 1, 2007

I love this jingle. i have seen this on Neelima ji’s blog. Thanks again Neelima ji for showing this nice jingle. 🙂

Life in a METRO, दौड़ते-भागते शहर की कहानी

मई 25, 2007

फ्लैट की चाबी मांगना, मेट्रीमोनियल वेबसाइट पर लड़कियां देखना, प्रोमोशन के लिए बॉस के आगे-पीछे घूमना, ट्रेन-बस में किसी अंजाने से मुलाकात और फिर दोस्ती हो जाना। यह सब कुछ हर रोज आजकल भारत के कोस्मोपोलिटन शहरों में हो रहा है। यह हमारे बदलते समाज की कहानी है। अंग्रेजी में इसे ट्रांजिशन फेज कहते हैं।

मुझे मुंबई के बारे में बहुत आइडिया नहीं है लेकिन जो लोग दिल्ली के नार्थ कैंपस इलाके की जीवन शैली को जानते हैं उन्हें कम से कम अनुमान होगा कि ऐसा सचमुच में होता है। रात को देर रात तक पार्क में घूमना। देर रात तक किसी दूसरे के कमरे का उपयोग करना।

अनुराग बसु का निर्देशन और प्रीतम का संगीत बेहतरीन है। सभी किरदारों ने अपने किरदार के साथ पूरी ईमानदारी बरती है। इरफान खान और कोंकणा सेन ने बेहतरीन काम किया है। शरमन जोशी में थोड़ी परिपक्वता दिखी है। धमेंद्र और नफीसा अली की जोड़ी अच्छी थी।

ओवरसीज में शिल्पा शेट्टी के नाम पर फिल्म जरूर चल रही है। भावनाओं के ताने-बाने पर बुनी और भारत के बड़े शहरों की जिंदगी को चित्रित करती फिल्म मेट्रो अच्छी बनी है।

कल बड़े दिनों बाद मैं थिटेटर में जाकर फिल्म देख पाया।

‘परवीन तू है बड़ी नमकीन’: पाक का एक विवादित गाना

मई 23, 2007

भाई मैंने गाना सुना है, बड़ा मस्त गाना है। लेकिन परवीन को कहना भी अपनी जगह सही है। अबरारुल हक का कहना भी अपनी जगह सही है। खैर बात अब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में है। यूट्यूब के इस विडियो में को देख कर भी समझ जाएंगे कि विवाद आखिर कैसे उठा। आपके पास अगर स्पीकर/ईयर फोन हो तो गाना सुनिए और मस्त रहिए।

इसपर बीबीसी की यह रिपोर्ट

‘परवीन तू है बड़ी नमकीन’: पाक का एक विवादित गाना

मई 23, 2007

भाई मैंने गाना सुना है, बड़ा मस्त गाना है। लेकिन परवीन को कहना भी अपनी जगह सही है। अबरारुल हक का कहना भी अपनी जगह सही है। खैर बात अब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में है। यूट्यूब के इस विडियो में को देख कर भी समझ जाएंगे कि विवाद आखिर कैसे उठा। आपके पास अगर स्पीकर/ईयर फोन हो तो गाना सुनिए और मस्त रहिए।

इसपर बीबीसी की यह रिपोर्ट