स्वतंत्रता आज भी कुछ मांग रही है?

जय हिंद! स्वतंत्रता दिवस पर सभी भारतवासियों को ढेरों मुबारकबाद। यह स्वतंत्रता सबको मिले। हमें बहुत कुछ मिला है। लेकिन क्या यह बहुत कुछ सबों को मिला है?

ढाबे में काम करने वाले बच्चों को सामाजिक स्वतंत्रता। गरीबों और पिछड़ों को काम पाने की स्वतंत्रता। अगर यह नहीं है तो हमारा स्वतंत्र भारत के प्रति इतना भावुक होना बेमानी है। क्या आप इस स्वतंत्रता को पाने के लिए कुछ मदद कर सकते हैं? लोकतंत्र भारत चिल्ला रहा है। चीख-चीख कर चिल्ला रहा है। इसे सुनने के लिए कानों की नहीं आंखों की जरूरत है! क्या आप इसे सुन पा रहे है?

6 Responses to “स्वतंत्रता आज भी कुछ मांग रही है?”

  1. समीर लाल Says:

    स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनायें।

  2. mamta Says:

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

  3. divyabh Says:

    बिल्कुल सुनी जा रही है वह बेवशी मगर कौन जागा है आजतक
    मात्र दोषारोपण के हमने सीखा क्या है…
    सुंदर कविता… स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना।

  4. श्रीश शर्मा Says:

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

  5. jagmohan Says:

    why are you helpingthemself

  6. jagmohan Says:

    TELL me ‘HUM KUE GANDI KO UNCHA DARJA DATA HAI JIS NA BARAT KO BANTA HA’ HE IS A BLUDY MAN’
    I KNOW.

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